राज्य - छत्तीसगढ़
विषय - कविता
शीर्षक - मेरी कविता
विद्या - छंदमुक्त कविता
संपर्क सूत्र - ९३४०९५६००१
मेरी कविता की हर पंक्ति ,जीवन का इक सार है ।
अगर मान लो जीवंत यह तो,माता-पिता का प्यार है ।।
अंधकार में डूबा हुआ तो, यह सारा संसार है ।
नशा पान व कामुक चिंतन , भरा हुआ भंडार है ।।
इन सबको है जागृत करने ,का अनुपम यह द्वार है ।
मेरी कविता की हर पंक्ति, जीवन का इक सार है ।।
नशापान से हानि है क्या, इसमें हम लिख जाते हैं ।
काम क्रोध है दुश्मन अपना, यह भी तो दर्शाते हैं ।।
जीवन क्या है ?कैसे जीना ? लिखा हुआ विचार है ।
मेरी कविता की हर पंक्ति, जीवन का इक सार है ।।
बसंत कुमार साहू "ऋतुराज"
अभनपुर
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