राज्य - छत्तीसगढ़
जिला - रायपुर
विधा - शेर(शायरी)
शीर्षक - *रसीद कीजिए*
संपर्क सूत्र - 9753164885
*रसीद कीजिए*
जमाने ने सब कुछ दिया उन्हें भी रसीद कीजिए।
न जाने जिन्दगी कितने दिन का अच्छे से जान लिजिए।।
जिन्दगी अपनी पहचान बनाकर भी रसीद कीजिए।
न जाने कब ढल जाये वक्त अपना जीवन गढ लिजिए।।
जिन्दगी को गुलाम न बनाकर आजादी रसीद कीजिए।
गुलामी की दास्तां सुने हो अब न गुलामी कुबूल कीजिए।।
जिन्दा दिली इंसान को देखो और रसीद कीजिए।
नेकी की दीवार बनाने वाला खुदा को सलाम कीजिए।।
चल उठ मशाल उठा इंकलाब रसीद कीजिए।
अत्याचार की जंजीर तोड़ अत्याचार खत्म कीजिए।।
राह-ए-दुश्मन बेहद मिलेंगे उसे भी रसीद कीजिए।
खुदी के ही जाल में फंसाकर उनको ही मात दीजिए।।
गैर न हो दुश्मन उसे सही राह रसीद कीजिए।
मुसाफ़िर को उनके मंजिल तक पहुंचा ही दीजिए।।
खुदा का इबादत जहान में सभी को रसीद कीजिए।
अल्लाह के नेक दिल बंदे खुदा को करीब खुद कीजिए।।
खुदा के घर देर है अन्धेर नहीं बस रसीद कीजिए।
यतीम को गले लगाकर उनकी झोली भी भर दीजिए।।
दुवाओं में भी दवा का घोल होता रसीद कीजिए।
जिन्दगी में रखी क्या है बरखुरदार इम्तिहान न लिजिए।।
हरमन शायराना ने कोशिश की है इसे भी रसीद कीजिए।
गलत लगे उसे खारिज कीजिए अच्छी बातों को रसीद किजिए।।
शायराना/गजलकार/गीतकार
हरमन कुमार बघेल
*(हरमन)*
आरंग,जिला-रायपुर
छत्तीसगढ़
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