Friday, May 24, 2024

कोरबा से कृष्णा देवी कारकेल की रचना- जैव विविधता

कवि-कृष्णा देवी कारकेल
जिला-कोरबा
राज्य -छत्तीसगढ़ 
विषय- विभिन्नताओ का देश भारत 
शीर्षक -जैव विविधता विद्या- कविता 
संपर्क- 93 99 43 25 77 
     *जैव  विविधता*
जल थल वायु मंडल से, मिलकर बनता जैवमंडल है।
विभिन्नताएँ सब में है, फिर भी कहलाता मंडल है ।।

भिन्न-भिन्न है जीव जंतु, भिन्न-भिन्न है वनस्पतियाँ।
पर्वत पठार और मैदान, भिन्न-भिन्न है भू- आकृतियाँ ।।

भिन्न-भिन्न है लोग यहाँ, भिन्न-भिन्न है आदिवासियाँ। 
भिन्न-भिन्न है रहन-सहन, फिर भी एक है भारत वासियाँ।।

जैव विविधता के कारण ही ,जुड़े हुए हम एक चक्र से ।
अगर यदि संतुलन बिगड़ा, मर जाएँगे प्रकृति कहर से ।।

जैव विविधता बनी रहें, बचे रहेंगे प्रकृति कहर से। 
मिलकर चलो पेड़ लगाए, सजाए हरी-भरी वादियों से ।।

जैव विविधता से भरा हुआ ,ये हमारा भारत महान है।
इसके जर्रे-जर्रे में कहानी, वीर शहीदों की बलिदान है ।।

इसकी माटी जलवायु में, बसते हम सबके प्राण हैं। 
इसकी रक्षा के खातिर, निछावर करते अपने प्राण है।।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...