जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय,कसक
शीर्षक, कसक,
विधा,कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087.
कसक रह जाता में,जीवन,
जब अपने देते धोखा,मन,
अंतर्मन में एक टीस,रहता,
नासूर बन,कभी दिन,रात।।।
परंतु जीना पड़ता,मजबूरी,
इस आस से कि समय में सुधार
उतार-चढ़ाव,जद्दोजहद,जीवन,
कसक रहे तो भी,संग्राम,धन।।।
अनुकूल हो या प्रतिकूल,मानव,
तेरा कसक से न फर्क,का भाव
अपनों ने गर दिया,तो पीड़ा,रहे
लाजमी,गिला, शिकवा मनोभाव।।।
कसक से गुजरे बहुतया जीवन,
कभी परिजन,प्रियजन,सुमन,
पर पलायन नहीं है स्वीकार्य,
हर हाल में आगे बढ़ना सत्य जान।।
कसक तो कसक है,पर सहन,
तपेगा तो बनेगा खरा सोना
बढ़ेगा तेरा भी मूल्य,सुजान,
चूंकि परिवर्तन है सत्य महान।।।
No comments:
Post a Comment