राज्य :- छत्तीसगढ
जिला :- रायपुर (अभनपुर)
विधा :- काव्य
शीर्षक :- कसक
सम्पर्क नंबर :- ९३४०९५६००१
तुमसे ना मिल पाया था मैं,यह बात कसक तो होती है ।
बात अधूरी रह गई जो, बात कसक तो होती है।।
आंखों में तिनका पड़ गया,कसक तो इनकी होती है ।
अपने ही कोई गलत करें,तो यह बात कसक तो होती है ।।
दिल में किसी की बात लगे,यह बात कसक तो होती है।
कोई चाहत पूरा ना हो तो, यह बात कसक भी होती है ।।
बात बात में यूं हमको, हर बात कसक क्यों होती है ।
रिश्ते नाते और सभी, संबंधों को धो देती है ।।
फिर भी ईर्ष्या द्वेष कभी,हमसे न छूट पाती है।
जो अपने हैं उनकी ही ,हर कसक हमें देती है ।
बसंत कुमार साहू ऋतुराज
अभनपुर
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