Wednesday, May 8, 2024

बेमेतरा से दिलीप टिकरिहा "छत्तीसगढ़िया" की रचना- पेड़

कवि - दिलीप टिकरिहा "छत्तीसगढ़िया"
जिला - बेमेतरा
राज्य - छत्तीसगढ़
विषय - झाँझ
विधा - छप्पय छन्द
संपर्क - पिरदा (भिंभौरी),बेरला
            9753304788
       
  *सबो लगावव पेड़, तभे तो गिरही पानी |*
*ऑक्सीजन मिल जाय, बने चलही जिनगानी ||*
*काटत हन सब पेड़, बिना उपजाए भक-भक |*
*बाढ़त हावय झाँझ, जलत हे धरती लक-लक ||*
 *चट-चट जरथे पाँव हा, मिलय नहीं अब छाँव हा |*
*नइ रेंगय कोनो खोर मा, सुन्ना लागय गाँव हा ||*
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