जिला– रायपुर
राज्य – छत्तीगढ़
विषय –बिरहा गीत
संपर्क– गौर चौंक भाँटापारा चंपारण
मो.9111227048
( नवा रद्दा खोज लेथन )
आज बइठ मन भर के रो लेथन,
एक दुसर के आँसू पोंछ लेथन,
कल तैं कहाँ कल मैं कहाँ,
अब जिनगी के नवा रद्दा खोज लेथन ,
अब झन करबे सुरता,सपना म झन बलाबे,
मोर पाछू अपन जिनगी ल तैं झन जलाबे,
ये मया के नदिया ल इही मेरन रोक लेथन,
अब जिनगी के नवा रद्दा खोज लेथन ,
काली होहि तोर बिहाव दुसर घर चलें जाबे,
बाँटबे सबों ल मया तोर नवा घर ल सजाबे,
आखरी बार आज एक दुसर बर सोंच लेथन,
अब जिनगी के नवा रद्दा खोज लेथन ,
ये मया के मौसम घलो कभू हँसाथे कभू रोवाथे,
सजाके के मोहनी के जाल सबला दीवाना बनाथे,
आखरी एक दुसर ऊपर मया के हरदी बोथ लेथन,
अब जिनगी के नवा रद्दा खोज लेथन ,
ललित कुमार निषाद
चंपारण (रायपुर)
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