Sunday, May 12, 2024

रायपुर से बसंत कुमार साहू "ऋतुराज" की रचना-मेरी माँ

कवि : बसंत कुमार साहू "ऋतुराज"
 जिला : रायपुर (अभनपुर)
 राज्य : छत्तीसगढ़
 विषय : मां 
शीर्षक : मेरी मां 
विधा : काव्य
 संपर्क :9340956001
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मेरी माता सबसे प्यारी, अद्भुत और निराली है ।
 सारी दुनिया की सुखों पर, इनकी ममता भारी है ।।

रोज सुबह मुझको नहलाती, खाना गरम खिलाती है ।
 मुझसे कहती रे नटखट तू ,सबको बहुत सताती है ।।

मेरे हर सपनों को माता, इसने ही तो संवारी है ।।१।। 
सारी दुनिया की सुखों पर, इनकी  ममता भारी है ।।

 स्कूल भी पहुंचाती मुझको, गृह कार्य करवाती है ।
पालकी मैं बैठूंगी कहती, वह हाथी बन जाती है ।।
 
मैं और छोटे भैया दोनों, करते  उनकी सवारी है ।।२।।
सारी दुनिया की सुखों पर, उनकी ममता भारी है ।

सहनशील है मेरी मैय्या, गुस्सा कभी न करती है ।
मुझको कष्ट ना होवे कोई, पूरा ध्यान वो रखती है ।।

डांट किसी का पड़ते कहती,मेरा बेटा अनाड़ी है ।।३।।
सारी दुनिया की सुखों पर, इनकी  ममता भरी है ।

उनसे पहले बचा वो लेती, घर पर डंडा देती है ।
अनुशासन में रखकर हमको, संस्कार भी देती है ।।

उनके दिए गुणों के कारण, इज्जत आज हमारी है ।।४।।
सारी दुनिया की सुखों पर, इनकी  ममता भारी है ।

   बसंत कुमार साहू "ऋतुराज" 
                अभनपुर 
 स्वरचित रचना (सर्वाधिकार सुरक्षित )

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