जिला_ दुर्ग
राज्य _छत्तीसगढ
विधा _काव्य
शीर्षक _मां के चरणों में स्वर्ग
संपर्क_ ७९७४६
*मां के चरणों में स्वर्ग*
_____________________
वृद्धाश्रम क्यूं होता है,
यह पुछ रहा है मन
घर क्यूं नही अपना होता है
जब आता है चौथापन l
मां के चरणों में स्वर्ग होता है
यह तो सब जानते हैं
परंतु अपनी वृद्धा मां को
क्यूं वृध्दाश्रम छोड़ आते हैं l
मां अपने सभी बच्चों पर
समान ममता लुटाती है
वृद्धाश्रम छोड़ आयेंगे
सपनों में भी ना सोच पाती है l
नही चाहती मां हीरा मोती
ना अच्छे पकवान,
मां की मूरत ऐसी होती
जैसे कोई भगवान
रहने दो उन्हे अपनों के संग
मान सम्मान के साथ
प्यार, आदर सत्कार चाहती है वो
रहकर अपनो के साथ l
प्रिया गुप्ता
भिलाई
No comments:
Post a Comment