जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- दिल
शीर्षक- ये दिल तेरा दीवाना
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
बाल फैलाकर सुंदरी शरमा रही हो।
होले होले होंठों से मुस्कुरा रही हो।।
कान में बाली लगाकर क्यों..?
हिरनी जैसी कमर मटका रही हो।।
सुंदरी सुंदर नैनों से वार क्यों? करती हो।
अपनी सुंदरता का कहर किस पर ढा रही हो।।
गोरी तन पर ढका लिबास दिखाकर,
प्यार आंखों से जता रही हो।।
मुझे पता है तुम्हे प्यार है किसी से,
तभी तो इतना श्रृंगार सजा रही हो।।
प्रिय की दीवानी बनकर साथ निभाना है।
तभी अपने हाथों को थमा रही हो।।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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