जिला-दुर्ग
राज्य- छ.ग
विषय- नवरात्रि
शीर्षक- चैत्र का शुभ मास है
विधा- गीतिका छंद
संपर्क -9131777203
द्वार माता का सजा दो ,चैत्र का शुभ मास है ।
कंठ में माला सिरों की ,भक्त आये पास है ।।
क्रोध नैनों से दिखाती, रक्त जिव्हा में लगे ।
भाल टीका ओज देती, आग सी ज्वाला जगे।।
दीप शोभा साँझ की है ,मंदिरों में रोशनी ।
आरती की गूँज भाये , माँ दिखे मन मोहनी ।।
व्रत करेंगे नौ दिनों की, आज पावन माह है
रोज माते पूजना है, मुक्ति की ये राह है ।।
अनुरमा शुक्ला
दुर्ग छ.ग
No comments:
Post a Comment