Tuesday, April 30, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना-होठ के मुस्कान

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मुस्कान 
शीर्षक- होंठ के मुस्कान 
विधा- कविता 
संपर्क- 7974389033

आज तेरी खूबसूरती से तेरी पहचान है।
तेरे गोरे गोरे गाल होंठों पर मुस्कान है।।

तेरी सादगी  आँखों में  इस तरह समाई।
जब भी आँखें बंद करूँ देती तू दिखाई।।

कान में बाली और सुंदर गले में हार है।।
गोरे-गोरे गाल से सुंदर आया तस्वीर है।।

गोरे  तन  पर  लाल  साड़ी  पहनी  हो,
तुम  प्रिय  के  सुंदर-सी  दीवानी  हो।।

सारा जिस्म ढका है साड़ी के लिबास में।
प्यार पूरा नहीं होता अधूरा विश्वास में।।

पूनम अपने नैन से मुझ पर किया वार।
तेरे काले बाल से मुझे हुआ है प्यार।।

तेरी सुंदरता देख 'प्रिय' मदहोश हो गया।
तेरी सादगी देखकर मैं खामोश हो गया।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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