Saturday, March 2, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- शिव है मेरे

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- महाशिवरात्रि 
शीर्षक- शिव है मेरे 
विधा- छंद मुक्त 
संपर्क- 7974389033

भोले बाबा हे भंडारी सुंदर रूप तुम्हारा है।
जग में शिव-पार्वती का सुंदर जोड़ी प्यारा है।।

जग के पालनहारी हो विष को पीने वाला।
पार्वती के नाम को सदा ही जपने वाला।।

शिव भक्त चल पड़े हैं भोले बाबा के दरबार।
पवित्र सावन मास में शिव शंकर करते प्यार।। 

सुंदर पावन वास है शिव का बाबा धाम।
शिव के पावन प्यार से जग में फैला नाम।।

सुंदर कान में कंठ,गले में सर्प को देखो आज।
शिव भक्ति पर सदा हमको रहेगा नाज।।

त्रिशूल,डमरू धारी कहलाते विश्वनाथ।
सुंदर रूप पार्वती का बना शंभू रघुनाथ।।

देवों के महादेव हैं सब दुष्टों का काल।
नइय्या सबका पार लगाये ले रूप विकराल।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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