Sunday, February 18, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- रोम-रोम में राम राम

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- श्रीराम 
शीर्षक- रोम-रोम में राम राम 
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033 

राम नाम जपते रहो, जीवन है अनमोल।
मन में जब विश्वास हो, राम नाम तू बोल।।1।।

कौशल्या के लाल हैं, सीता के रघुनाथ।
स्मरण करो श्रीराम का, सबका देगा साथ।।2।।

जग के पालनहार है, रघुनंदन श्रीराम।
दो शब्दों से है बना, रघुनंदन का नाम।।3।।

जग पालक श्रीराम का, करो नहिं कभी त्याग।
सुनकर राघव नाम को, मानव कभी न भाग।।4।।

रोज सवेरे शाम को, जपता हूँ श्रीराम।
जब भी आए दु:ख तो, राम नाम को थाम।।5।।

रघुनंदन श्रीराम ने, किया जगत उद्धार।
राम नाम जपते रहो, सपना हो साकार।।6।।

रोम-रोम में राम है, राम नाम आधार।
राम नाम के भक्ति से, करले बेड़ा पार।।7।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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