Friday, January 12, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- पर्यावरण


कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- पर्यावरण 
शीर्षक- पर्यावरण 
विधा- छंद मुक्त
संपर्क- 7974389033

सारे  पौधे  काट  के, जंगल  है  वीरान।
प्रदूषित प्राण वायु का ,मिलता नहीं निदान।।1।।

वन के आभूषण से, हरपल मिलता छाँव।
कभी भी जलेगा नहीं,मानवता का पाँव।।2।।

हरा-भरा भू-भाग को, करो नहीं तुम नाश।
सारे पौधे काट के,होगा जगत विनाश।।3।।

पेड़ लगा इंसान तू,नारा एक लगाय।
सारे जंगल साज के,पौधे काटे जाय‌।।4।।

सारे जंगल साजिए, मिलेगा प्राण तत्व।
प्रिय निषाद कहता रहा,जंगल बड़ा महत्व।।5।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033,9303652113
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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