कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- पुर
शीर्षक- सपनों का शहर
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
सुंदर मेरे शहर पर, सदा मुझे है नाज।
सुंदर बने मकान को, हरपल रखना साज।।1।।
बड़ी-बड़ी ईमारतें, सपना लेकर आई।
सुंदर घर परिवार से, सुखमय जीवन पाई।।2।।
शहर-शहर में साज दो , तुम अपना व्यवहार।
परिवारों के साथ में, सबको देना प्यार।।3।।
जग के पालनहार ने, दिया हमें वरदान।
सुंदर सारे गाँव से, शहर बसे इंसान।।4।।
मानव सपने काज के, किया दु:खों को राख।
मानव अपने नाम का, बना लिया है साख।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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