Tuesday, May 23, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- आतंक के सीना चीर के

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- आतंक 
शीर्षक- आतंक के सीना चीर के
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

आतंक सीना चीर के; बदलो हवा का रूख।
इसका साया जहाँ पड़े; मानव मरता भूख।।1।।

वतन खातिर जान को; जवान करे कुर्बान।
हिंद देश के रक्षक है; जवान देते बलिदान।।2।।

मानव पल-पल जी रहे; बढ़े आतंकी चाल।
इस आतंकी मार में; जवान बने ढाल।।3।।

मार दिये मासूम को; जिनका नहीं कसूर।
हिंद देश में पल रहे; आतंक जैसा असूर।।4।।

आतंकी को मार के; कर नवल सृष्टि निर्माण।
मानव हिंद देश के; सदा करो कल्याण।।5।।

हिंद  देश  के  धरा  में; खुन  बहाया  जवान।
निकला जब चिंगारी दो; कांप उठा हैवान।।6।।

माँ  भारती  के  पूत  है; तिरंगा  है  पहचान।
प्रिय को इस धरा पर; हरपल है अभिमान।।7।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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