Tuesday, May 2, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- बढ़ रहा कामुकता


कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- कामुकता 
शीर्षक- बढ़ रहा कामुकता
संपर्क- 7974389033

जग में बढ़ता दुष्कर्म से जनता है परेशान।
जग के अच्छे मानव भी खो रहे ईमान।।

अश्लीलता चारों ओर से मचा रहा है शोर।
दुष्टों को फाँसी देकर नवल करना है भोर।।

जग के सारे नारियाँ कोई नहीं है अबला।
कमजोर समझो नहीं अब की नारी सबला।।

बढ़ता जा रहा रात-दिन कामुकता का दौर।
दुष्कर्म हुआ महिलाओं से भारत नहीं शिरमौर।।

नारी दबकर रह गयी डरा गई उन्हें समाज।
नारियों पर दुष्कर्म हो रहा नहीं बचा लाज।।

आँकड़े दुष्कर्म में भारत पहला स्थान।
संस्कारों के देश में नहीं रहा पहचान‌‌।।

जग में कामुकता बढ़ गया दे रहा संदेश।
मानव मन कठोर से नहीं हुआ परिवेश।।

देवियों के देश में बंद करो अन्याय।
हैवानों को फाँसी देकर दिलाओ न्याय।।

कामुकता के नाम से दहल जाता है दिल।
निर्भया, प्रियंका कांड से देश गया हिल।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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