कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मजदूर
शीर्षक- मैं मजदूर हूँ मजबूर नहीं
संपर्क- 7974389033
मजदूर दिवस आज है करता हूँ शुभकामना।
मजदूर बहाते है पसीना करो स्वस्थ की वंदना।।
जब पेट में होता नहीं अन्न बच्चे होते ब्याकुल।
जीवन के हर राह में श्रम रहता अनुकूल।।
भूख मिटाने के लिए श्रम करने को मजबूर।
चाहे तपती धूप हो काम करता मजदूर।।
कभी मुसीबत आये तो मन में रखना धैर्य।
कंधों से कंधा मिला चले मजदूर शौर्य।।
दाना पानी के लिए जगा हुआ है आस।
मजदूर भूख मिटाता हैं करना नहीं हास।।
चाहे बारिश,तपती धूप हो मेहनत करे मजदूर
श्रम वीर के शान को करना नहीं झुकने को मजबूर।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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