राज्य -छ. ग.
जिला -बिलासपुर
दिनांक 18-3-21
विषय -दर्पण
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
मो. न. 7566685373
शीर्षक -दर्पण सच बंया करता है।
दर्पण जो सच बंया करता है ।
साथ साथ चलता है हँसने रोने और ,
जीवन के प्रत्येक पल को दर्शाता है।
दर्पण जो सच बंया करता है।
हर बात की गवाही देता है।
अंतर्मन से लेकर झूठी,
मुस्कुरहट को भी दिखा देता है।
दर्पण जो सच बंया करता है।
आईना ही है जो वही दिखता है।
जो सामने होता है।
मन के द्वन्द से लेकर ख़ुशी के पल तक,
सभी मनो भावो को वो समझता है।
दर्पण जो सच बंया करता है।
लोगो को आईना दिखा दो ऐसा,
तभी कहते है दर्पण झूठ नहीं बोलता है।
जो जैसा होता है दर्पण यही बताता है।
दर्पण जो सच बंया करता है.।
अपने मन को भी आईना बना लो,
जो गलत करने से डरे क्योकि ,
मन की आवाज ही सही रहा दिखाता है।
मन ही सच्चा साथी होता है दर्पण की तरह,
दर्पण जो सच बंया करता है।
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
मो. न. 7566685373
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