नाम: एच-एस-अरमो "अरमान " ।
जिला:रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: ब्रह्मचारी ।
विधा:छंद-मुक्त कविता ।
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%%।।•ब्रह्मचारी •।।%%
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वैदिक काल से, चली आ रही---
गुरूकुल व आश्रम, विद्या पीठ ,
कराते ये, ब्रह्मचर्य का पालन ।।
ब्रह्मचर्य का पालन, जो करते--
त्यागी व जनेऊ धारण करते,
शिष्य बन, ब्रह्मचारी हैं कहलाते ।।
सात्विक, सदाचारी जीवनचारी--
होते ये पक्के संसारी ब्रह्मचारी,
संयमित दिनचर्या के पालनहारी ।।
स्वामी विवेकानंद, अग्निवेश--
और जैनी संत-महात्मा, ब्रह्मचारी,
होती इनकी, परम्परा की गणवेश ।।
साँसारिक मोह-माया त्याग करे--
भजन-कीर्तन व प्रवचन देते ,
समाज कल्याण, जगत हित सोचे।।
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