कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- सौंदर्य
शीर्षक- सौंदर्य तेरे रूप का
संपर्क- 7974389033
सौंदर्य तेरे रूप का; बढ़ता है हर रोज।
आशिक मन में कह रहे; तुझे निकाला खोज।1।
प्रेम के विश्वास से; बढ़ता पल-पल मास।
प्रेम से किये बात को; नाहिं समझ बकवास।2।
दिखे नाहिं जब प्यार तो; मन होता बेचैन।
दिख जाये जब प्यार तो; मन में रहता चैन।3।
सदैव निश्छल प्रेम से; नित करना हर रोज।
प्रेम विश्वास रोज हो; प्रिये का है खोज।4।
सनम ऐ तेरे साथ हूँ; नित्य सुबह अरु शाम।
ऐ सनम करवाचौथ पे; जीवन तेरे नाम।5।
मेरे जीवन को सनम; लिख दूँ तेरे नाम।
पलभर में भुलना नहीं; किये प्यार में काम।6।
प्रिये भी है जानता; प्यार बड़ा अनमोल।
प्यार बेकार है नहीं; समझो उसका मोल।7।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment