नाम: एच-एस-अरमो "अरमान "
स्थान: बैरन बाजार रायपुर ।
जिला:रायपुर (छत्तीसगढ़) ।
विषय: कलरव ।
शीर्षक: " कलरव " ।
विधा:छंद-मुक्त कविता ।
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""" कलरव """"
जीवन में स्पंदन के लिए---
कलरव भी जरूरी है,
पंछियों का, दिखता है,
जब झुंड में, करते हैं कलरव ।।1।।
पंछी के नौनिहाल बच्चे--
जब भूख से, बिलखते हैं,
माँ के दाने लाने की आहट से,
मुंह खोलकर करते हैं कलरव।।2।।
पंछियों को जब भी भय लगता--
साथियों व बच्चों को सचेत करने,
फुदक-फुदक कर, करे अजीब कलरव
मुसीबत से बचने, ये तरीका अपनाते।3।।
मुसीबत में, हर जीव-जंतुओं को--
जीवन बचाने, इसे चलाने के लिए,
आपस में, करना पड़ता है,
सांकेतिक भाषा में तेज कलरव।।4।।
जाने, कलरव बिन पंछी अधूरा--
सुर-ताल बिन संगीत है अधूरा,
कोलाहल बिन, भीड़ लगे अधूरा,
प्राणवायु बिन, सबका जीवन है अधूरा ।।5।।
====स्वरचित-प्रस्तुतीकरण =====
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