कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- आग
शीर्षक- अग्नि देव की वंदना
संपर्क- 7974389033
अग्नि देव की वंदना; करूँ मैं बारम्बार।
रूप तेरा अनेक है; वंदन कर संसार।1।
पंचतत्व शरीर बना; अग्नि नाम अनेक।
मिलकर ओ पंचतत्व में; शरीर बनता एक।2।
शरीर हजारों का बना; सदैव देत प्रकाश।
देकर वायु शुद्ध से; दीप जले आकाश।3।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment