कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- संघर्ष
शीर्षक- संघर्ष का दूसरा नाम पिता
संपर्क- 7974389033
परिवार की नैया पार लगाता,
वो उम्मीद पिता कहलाता।
खड़े होकर परिवार का हिम्मत,
सब दुखों से परिवार बचाता।1।
पिता के कंधों पर टीका है,
सारा परिवार के जिम्मेदारी।
सबको प्यार, डाॅंट दुलार से,
ख्वाहिश करते पूरी हमारी।2।
पिता मसीहा का रूप कहलाता,
सारे कष्टों को हर लाता।
जीवन भर परिवार के लिए,
खुशियाॅं समेट कर लाता।3।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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