कवि ---- चेतन सिंह
पता ---- कसडोल, छत्तीसगढ़
शीर्षक -- आरक्षण
संपर्क --- 9202507146
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ये कैसा कानून ये कैसा विधान है !
योग्यता पर भारी यहां संविधान है !
33 % वाले बैठ रहे ऊंचे ओहदे पर ,
95% वाला हर मोड़ पर परेशान है !
सत्ता को चिंता है अपने वोट की !
खबर नहीं उसे खरा व खोट की !
बैशाखीधारी पर मेहरबानी बहुत ,
फ़िक्र नहीं प्रतिभाओं पर चोट की !
अमीरों को हर जगह मिल रही छूट !
गरीब के साथ हो रही हर जगह लूट !
भारत के संविधान की ये कैसी माया ,
प्रतिभा करती यहां नाकारे को सैल्यूट !
काश ये नियम लागू हो शासन में !
मिली सैन्य वर्दी अगर आरक्षण में !
बारी आए जब दुश्मनों से भिड़ने की ,
आरक्षण धारी सबसे आगे हो रण में !
पद , लालच से न कोई सरोकार हो !
सर्वहितैषी संविधान और सरकार हो !
छूट का लाभ मिले न सुविधाभोगी को ,
आरक्षण का मूल आर्थिक आधार हो !
जब तक यहां प्रतिभाएं कुचली जाएगी !
जब तक यहां योग्यताएं ठोकरें खाएगी !
स्वर्णिम भारत की कल्पना होगी बेमानी ,
कुशलता को शासन जब तक ठुकराएगी !
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