कवयित्री-गोमती सिंह
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-प्रेरणा
विधा-छंदमुक्त कविता
शीर्षक-प्रेरणास्रोत
संपर्क नंबर-8103564763
आओ काम कुछ ऐसा कर जाएँ ,
जीवन अपना प्रेरणा स्रोत बन जाए ।
ऐसी उत्तम राह बनाएं ;जिसमें चलकर,
मूक वधिर को भी मंजिल मिल जाए ।
सफलता की कुंजी देकर औरों को
धन्य धन्य हम कहलाएं।
आए हैं इस दुनियाँ में तो ,
अपनें हाँथों से
काम कुछ ऐसा कर जाएँ,
प्यासे पंछी को पानी मिल जाए,
राहगीरों को छाया मिल जाए।
अपना सुख तो हर कोई चाहे ,
आओ दूजे के सुख के खातिर,
हम अपना जीवन अर्पण कर जाएँ
आओ काम कुछ ऐसा कर जाएँ,
जीवन अपना प्रेरणा स्रोत बन जाए।
।।इति। ।
-गोमती सिंह
कोरबा,छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment