Saturday, December 31, 2022

बिलासपुर से सावित्री यादव 'सावि' की रचना- तुम सुर की देवी

रचनाकार  -सावित्री यादव  "सावि "
राज्य -छ. ग.
जिला -बिलासपुर  छ. ग़. 
विषय -स्वेछिक  विषय 
सम्पर्क -मो. न. 7566685373

शीर्षक -तुम सुर की देवी 

तुम सुर की देवी  । 
तुम ज्ञान  की देवी । 
तुमसे सुर, ताल  और लय। 
तुझसे है पूरी दुनियाँ संगीतमय। 

तुमने कोयल को  मीठी बोली दी। 
तुमने नदियों  को  कल -कल  दी। 
हर गीत तुझसे  है संगीत  तुझसे। 
जीवन का हर छाँव और धूप  तुझसे। 

बसंत ऋतु के  आगमन की आहट  तुम। 
फूलो और कलियों की सरसराहट  तुम। 
सरसो की बालियों मे तुम, खेतो की फसलों मे तुम। 
हर चेहरे की मुस्कान की वजह  हो तुम। 

हे देवी आंसुओ  की रुदन भी तुझसे। 
और खुशियाो  के गीत भी  तुझसे। 
हर खुशियाँ और गम  भी है तुझसे। 
जीत और हार की खुशबु  भी तुझसे। 

मंगल गीत भी तुझसे। 
विरह की शिकायते भी तुझसे। 
तुम सुर की देवी सारा संगीत तुझसे। 
वीणा के तार से निकली हर तान की सारी लहरे तुझसे।
जो सारे जीव जगत मे है वो  सब भी तुझसे। 


रचनाकार-  सावित्री यादव  "सावि "
बिलासपुर  छ. ग़. 
मो. न.7566685373

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