Saturday, December 31, 2022

कोरबा से गोमती सिंह की रचना- दर्द

रचनाकार-गोमतीसिंह 
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-स्वैच्छिक विषय#(दर्द)
शीर्षक-दर्द 
संपर्क नंबर-8103564763

---पीते होंगे दर्द को पीने वाले ,
हम तो दर्द में जीते हैं। 

कैसे बयाँ करें लफ्जों में,
हम जीवन कैसे जीते हैं। 

कह पाना आसान नहीं, 
हम श्रृंगार कैसे करते हैं;

अश्कों की सुरमा से हम ,
नयनों को सजाए रखते हैं। 

कैसे बयाँ करें लफ्जों में,
हम जीवन कैसे जीते हैं। 

दाद दिया करते हैं हम ,
अपने लौह निर्मित कणों को,

जो दर्द विदारक ताने  सुनकर ,
अपनी जगह पर स्थित होते हैं। 

पुकार उठते हैं  माँ पृथ्वी को 
जब हृदय दर्द से भर जाते हैं;

माँ सीते की तुलना हमसे कहाँ,
इस कराह से शान्त हो जाते हैं। 

कैसे बयाँ करें लफ्जों में,
हम जीवन कैसे जीते हैं। 

             -गोमती सिंह 
        कोरबा,छत्तीसगढ़

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