कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- छत्तीसगढ़ी
शीर्षक- गुरुतुर बोली छत्तीसगढ़ी भाखा
संपर्क- 7974389033
छत्तीसगढ़ी महतारी के मया;
हावय जी अबड़ महान।
छत्तीसगढ़ी बोली भाखा ले;
मिलते जी अबड़ सम्मान।1।
छत्तीसगढ़ महतारी के सदा गीत गावय।
छत्तीसगढ़ महतारी सदा धूप बचावय।
छत्तीसगढ़ी गुरुतुर बोली हावय;
छत्तीसगढ़िहा बेटा के जुबांन सजावय।2।
छत्तीसगढ़ के सुआ,करमा,ददरिया।
सदा गावय छत्तीसगढ़ी लोग रंग।
छत्तीसगढ़ में बोहावत हावय;
खारून, जोंक अउ महानदी के संग।3।
शबरी के प्रभु श्रीराम शिवरीनारायण;
माता सीता के बाल ह रूप लिस गौवरा के।
श्रीराम-सीता के दूढन बेटा जिहा जनम लिस;
वो हावय लव-कुश तुरतुरिया चौवरा के।4।
आवव मिल जुल के मान बढा़बो भाखा छत्तीसगढ़ी के।
मिल जुल के नइ बढा़बो त कैसे बढ़ही मान भाखा छत्तीसगढ़ी के।
आवव मिल जुल के किरिया करथन संगी;
बोले ब नइ लजान तब तो बढ़ही मान भाखा छत्तीसगढ़ी के।5।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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