दिनांक 2-11-22
विषय -शाकाहार
विधा -पद्य
शीर्षक -शाकाहार
जगत के किसी भी जीव को बिना नुकसान पहुँचाए ।
प्रकृति से वनस्पतियो से खाद्य पदार्थ खाऐ।
वही सच्चा मानव कहलाये जो मानव का फर्ज निभाए।
जो जीव का जीवन समझे नर भक्षी सा न उसे चबाए।
शाकाहारी बने रहिये यही है पुण्य कर्म।
दूसरे जीव के कष्ट को समझो यही मानव मर्म।
आओ मानवता का धर्म का धर्म निभाए।
बेजुबान प्राणी का जीवन बचाये।
शाकाहारबने , पशुओ का जीवन बचाकर ।
इंशानियत का फर्ज निभाए।
मानव है तो मानव जैसे शुभ कार्य करे ।
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
मो. न. -7566685373
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