लेखिका -उर्मिला सिदार
जिला -रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विधा -गद्य
शीर्षक- गुरु
संपर्क- 930 32 98 994
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जो मानव आचरण मे श्रेष्ठ, वेदांत में सम्पन्न, मंत्रों या शुक्ति का अर्थ स्पष्ट समझने वाला,और तीनो कालो के भय से मुक्ति होकर, भय रहित जीने वाला भक्त,मंत्रों के अर्थों के अनुसार जीने वाला ,पुराणों का ज्ञाता अर्थात पूर्णता के अर्थ मे जीने वाला ,विशेष ज्ञान रखने वाला ,पवित्रता के साथ जीने वाला, ईष्या रहित जीने वाला
ही उपरोक्त लक्षणो से सम्पन्न मावन ही गुरू पद की योग्यता रखता है।
गरू प्रमाणित होता है।शिष्य जिज्ञासु। गुरू का पद सभी पदो से सर्वश्रेष्ठ होता है।गुरु की मार्ग दर्शन से ही ज्ञान का अनुभव होता है।वही मोक्ष तक ले जाता है।यही गुरु की महीमा है।
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उर्मिला सिदार बुलाँकी रायगढ छत्तीसगढ़
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