कवि :- विनोद कुमार चौहान "जोगी"
जिला :- महासमुन्द
राज्य :- छत्तीसगढ़
विधा :- कुंडलियां छंद
शीर्षक :- ईश्वर का उपहार
संपर्क :- 9669360722
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यह सारा संसार है, ईश्वर का आवास।
लालच धन का त्याग कर, प्रभु पर हो विश्वास।।
प्रभु पर हो विश्वास, मोह है दुनियादारी।
दृश्यमान यह विश्व, उसी का है आभारी।।
कह जोगी कवि तुच्छ, कृत्य ये कितना प्यारा।
है ईश्वर की देन, जगत अद्भुत यह सारा।।
जीवन यह उपहार में, पाया है गतिशील।
कहता यहीं कुरान है, गीता औ इंजील।।
गीता औ इंजील, पाठ बस यहीं सिखाते।
त्याग पाप के राह, पुण्य का मार्ग दिखाते।।
कह जोगी कवि तुच्छ, रहे निर्मल अंतर्मन।
है ईश्वर की देन, मिला ये पावन जीवन।।
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