Friday, October 14, 2022

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से विनोद कुमार 'जोगी'की रचना- कर्म

     विनोद कुमार'जोगी' की रचना- कर्म
कवि :- विनोद कुमार चौहान "जोगी"
जिला :- महासमुन्द
राज्य :- छत्तीसगढ़
विधा :- कुंडलियां छंद
शीर्षक :- कर्म
संपर्क :- 9669360722

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जीवन हो सौ वर्ष का, रखते जो तुम आस।
सतत् कर्म में लीन हों, मनवा बारह मास।।
मनवा बारह मास, रमें हो सद्कर्मों में।
मानवता का धर्म, श्रेष्ठ है सब धर्मो में।।
कह जोगी कवि तुच्छ, कभी होता न विलोपन।
पावन परहित काज, समर्पित जिसका जीवन।।

पूजा कारज की करे, मोह हृदय से त्याग।
जिजीविषा सौ वर्ष की, जागे उसके भाग।‌।
जागे उसके भाग, करे जो कर्म निरंतर।
लेता सब सुख भोग, सृष्टि में वो जीवन भर।।
कह जोगी कवि तुच्छ, मार्ग है और न दूजा।
सुखमय हो संसार, करो कर्मों की पूजा।।


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