सुंदरगढ़, ओडिशा
विषय-विचार
विधा-आलेख
शीर्षक- विचारों की अन्तःशुद्धि
विचारों का मनुष्य से बहुत गहरा नाता है क्योंकि हमारे जीवन में ऐसा कोई क्षण नही आता जब हमारे मानसपटल पर विचारों का आवागमन ना हो।प्रत्येक क्षण सैकड़ों विचार हमारे मतिष्क में आते रहते हैं।
विचार सकारात्मक और नकारात्मक दोनो ही तरह के होते हैं।नकारात्मक विचार हमे पीछे की ओर धकेलते हैं वही सकारात्मक विचार नित नए मार्ग दिखाते हैं।संसार मे ऐसा कुछ भी नही है जिसे हम दृढ़ता पूर्वक पाने का विचार करें और उसे प्राप्त ना कर पाएं।हमें सदा सकारात्मक सोच और विचार लेकर ही चलना चाहिए क्योंकि इससे ना सिर्फ हमें बल्कि हमारे आसपास के लोगो को भी ऊर्जा मिलती है।
प्रत्येक मनुष्य का अपना विचार दूसरे मनुष्य से भिन्न होता है परंतु अगर हमारे विचार सही हैं तो हमें उसे किसी के लिये भी छोड़ना नही है ना ही अपने विचारों को दूसरों पर थोपना है बस भटके हुए लोगों को सही रास्ता दिखाना है हमारे विचार सही हैं तो वे अवश्य ही अपना प्रभाव लोगों पर छोड़ेगी।
सोच और विचार का पार्थक्य मिटाना मुश्किल है पर विचारों के उधेड़बुन में ही खोये ना रहे बल्कि सकारात्मक विचारों के साथ अपने कर्म भी करते जाएं।
Bahut khub
ReplyDelete