Friday, June 11, 2021

कविता क्यों लिखते हैं : लीलाधर कुम्हार

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विषय - हम कविता क्यों लिखते हैं ?
विधा - आलेख
शीर्षक - कविता लेखन क्यों ?
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     // कविता लेखन क्यों ? //

हम कविता क्यों लिखते हैं ? यह प्रश्न ऐसा ही है जैसे कि हम भोजन क्यों करते हैं या श्वांस क्यों लेते हैं ? कविता स्वाभाविक रूप से हमारे मन , बुद्धि , हृदय व आत्मा की खुराक हैं । विद्वानों के व्यक्तित्व का श्रृंगार है । वास्तव में कविता एक ईश्वरीय वरदान है जो सृष्टि के कण - कण में समाहित है , व्याप्त है । कविता हमारी आत्मिक संगीत है , प्यास है और हमारे आनंद का अक्षय भण्डार है । फिर भी कविता लेखन के कुछ मुख्य कारणों पर संक्षिप्त प्रकाश डालने का प्रयास करते हैं -
1. अभिव्यक्ति की परंपरागत साहित्यिक माध्यम कविता है । हमारे प्राचीन ग्रंथ , पुराण , शास्त्र आदि कविताओं में उपलब्ध हैं ।
2. स्मरण करने में , गाने में और सुनने में सुगम होता है ।
3. कविता कर्णप्रिय व मधुर होता है ।
4. कविता में रस , लय ,स्वर व छंदों की प्रधानता होती है जो श्रोता , पाठक व कवि तीनों के लिये अलौकिक आनन्द की वृष्टि करती है ।
5. कविता एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है जो हर किसी को आकर्षित करती है ।
6. थोड़े शब्दों में बहुत ज्यादा कहने की क्षमता कविता की अनोखी विशेषता है अर्थात् गागर में सागर भरना कविता द्वारा ही सम्भव है ।
7. मनुष्य का मूल स्वभाव कविता की तरह रस व आनन्द प्रधान है । अतः स्वान्तः सुखाय कविता लेखन सर्वाधिक होता है ।
        इस प्रकार कविता लिखने के अनेक प्रमुख कारण गिनाए जा सकते हैं । वस्तुतः कविता और जिंदगी , कविता और आनन्द , कविता और विद्वता , कविता और साहित्य , कविता और अध्यात्म आदि परस्पर मिश्रित हैं , सम्बंधित है । इसीलिए हम कविता लिखते हैं ।

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