Friday, June 11, 2021

हम कविता क्यों लिखते हैं? : उर्मिला सिदार

रचयिता- उर्मिला सिदार 
विधा- आलेख
विषय -"हम कविता  क्यो लिखते है।"
दिनांक -11/06/2021
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*हम कविता क्यों लिखते हैं।*

कविता साहित्य जगत की एक विधा है। मानव जो भी क्रिया कलाप प्रकृति और मानव के साथ भावात्मक संज्ञानीयताएं
 होती है ।उसे लोगों तक पहुंचाने की माध्यम के अंतर्गत जो भी तत्व होते हैं, उसे विधा कहते हैं। और भावों के पहुंचाने के जितने प्रक्रियाएं हैं ,उस प्रक्रिया का नाम साहित्य है। साहित्य जो सभी अर्थात अस्तित्व के हित के लिए किया गया कार्य जो ,सभी के शुभ के अर्थ में लिखी जाती है, साहित्य कहलाती है। जिसे सामान्य भाषा में सभी का हित कहा जा सकता है। साहित्य लिखने वाले साहित्यकार अपनी कल्पनाओं के माध्यम से अनेक विधाओं में भावों को प्रस्तुत कर जन मानस तक पहुंचाने का कार्य करता है। साहित्य लेखन में नकारात्मक और सकारात्मक, नकारात्मक का एहसास और सकारात्मक का अनुभव को मौखिक, लिखित, सांकेतिक माध्यम से व्यक्त करता है। इन्हीं विधाओं में से एक विधा कविता है ।कविता को  पद्य भी कहा जाता है।कविता में विस्तृत भावों को संक्षिप्त कर ध्वनि  तुकांत माध्यम से रसों के साथ बयां किया जाता है। भावों के साथ-साथ मधुर ध्वनि का भी मनोरंजन होता है, जो सीधा अंतर्मन की गहराई तक जाता है। कविता के माध्यम से जो भाव का अनुभव सूचना रूप में मिलता है। उस सूचित भावों को जीवन प्रेरित होकर जीवन में प्रमाणित कर जीने से, जीवन में समस्या से मुक्ति और भाव के साथ मुक्ति होकर सुखमय जिंदगी जिया जा सकता है। कविता मात्र प्रिय नहीं होता, कविता में लिखी भावों को समझ कर अपनी जिंदगी में आत्मसात करना होता है। यदि ऐसा मन में नकारात्मक का एहसास कर सकारात्मक सोच में परिवर्तन देखने के लिए मिलता है, तो यही कविता का उद्देश्य है। कविता सिर्फ लोगों का मनोरंजन नहीं ज्ञान वर्धन और प्रेरणादाई होता है। साथ-साथ कविता के माध्यम से कवि या कवित्री के भावों को भी पढ़ा जा सकता है। भावों को जनमानस तक सभी की हितार्थ हेतु कविता लिखा जाता है। विभिन्न घटाओं, मूल्यों, सौंदर्य, आदि के बारे में कविता लिखकर भावों को उकेरा जाता है। यही कविता लिखने का सार्थकता है।
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़

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