जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विषय - विचार
विधा - आलेख
शीर्षक - विचारों की शक्ति
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// विचारों की शक्ति//
मनुष्य को विचार या उसकी सोच ही उसे बड़ा या छोटा बनाता है । एक विचार ही है जो जीवन की दिशा व दशा को तय करती है । विचार की धारा एवं गुणवत्ता से हम किसी मनुष्य को वास्तविक रूप में जान सकते हैं । छोटे व तुच्छ विचार वाले मनुष्य का जीवन भी तदनुसार निम्न स्तर का हो जाता है परन्तु महान विचारों से सम्पन्न लोग महानता को पा लेते हैं ।
उदारता , गम्भीरता , सकारात्मकता व व्यापकता श्रेष्ठ विचार के लक्षण हैं । ऐसे उदात्त विचार दया , प्रेम , करुणा , सरलता , मानवीयता आदि सद्गुणों से ओतप्रोत होता है । विश्व के जितने भी महान व्यक्ति हुए हैं उनमें उनके महान विचारों का सम्पूर्णतया योगदान रहता है । इसके विपरीत संकीर्ण , लघु , निम्न व आसुरी विचार के लोग बड़े घाटे में रहते हैं । ऐसे हीन विचार वालों का जीवन सीमित दायरे में ही तेरे - मेरे , तू तू - मैं मैं में खपकर पशु तुल्य हो जाता है । अतः विचारों के अनुसार ही मन , बुद्धि व जीवन का निर्माण होता है ।
देखा जाय तो एक विचार ही है जो मनुष्य को संत , साधु , महात्मा , वैज्ञानिक , डॉक्टर , इंजीनियर , वकील , नेता , चोर , शराबी , गरीब , अमीर , सज्जन या दुर्जन बनाता है । इसलिए सदैव महान विचारों का ही आश्रय लेना चाहिए और महान विचारों का ही पोषण करना चाहिए । श्रेष्ठ व महान विचारों वाले ही ऊर्जा , आत्मविश्वास , धैर्य , साहस , सकारात्मकता , सहिष्णुता आदि दैवी सद्गुणों के धनी हो जाते हैं और हर कठिनाइयों , दुःखों व चुनौतियों से पार हो जाते हैं ।ऐसे लोगों का जीवन आदर्श और अनुकरणीय हो जाता है । जबकि तुच्छ विचारों वाला पाप , ताप , शोक , भय , निंदा , छल , कपट , स्वार्थ , दुराचार विषय - भोग आदि में लिप्त रहकर तामसिक व राक्षसी जीवन का भागी होता है और अंत मे अधोगति को प्राप्त होता है ।
इस प्रकार विचारों की शक्ति अपरम्पार है । अब ये हमारे ऊपर है कि हम किस प्रकार के विचारों का चुनाव करते हैं । हमारा सारा जीवन , रहन - सहन , व्यवहार आदि मूलतः हमारे विचारों की देन है , विचारों की परिणति है ।
विचारों की शक्ति महान है ,
विचारों की शक्ति अपार ।
विचार से ही संचालित है ,
सारा जीवन व्यवहार ।।
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