Tuesday, June 1, 2021

प्रेमचन्द साव "प्रेम" कृत आलेख- विचार

रचनाकार-प्रेमचन्द साव "प्रेम"
जिला-महासमुंद
शीर्षक-विचार
विधा-आलेख

★★★

,                 *विचार*
जिंदगी विचारों के साथ प्रारंभ होता है और विचारों के साथ ही समाप्त हो जाता है।विचार हमारे मन और मस्तिष्क का यह संबंध मनुष्यों में ही पाया जाता है।सोचने समझने के लिए,मन में विचार लाने के लिए एक विकसित मस्तिष्क की आवश्यकता होती है।विचार स्थायी न होकर परिस्थितियों के अनुरूप परिवर्तित होते रहते हैं।विचार हमारी समझ व ज्ञान के द्योतक होते है।यदि कोई व्यक्ति महान बनता है तो वो अपने विचारों से बनते हैं।घर,परिवार, कार्य,व्यापार सफलता एवं विफलता व्यक्ति के विचारों पर ही निर्भर होता है।करुणा,दया,मर्म,सुख-दुख,ममता एवं जीवन के विभिन्न रंग विचारों से ही उत्पन्न होते है।अतः हम सभी को वैचारिक निरंतरता को अनवरत् जारी रखते हुए आगे बढ़ते रहेंगे।हमें नित्य सकारात्मक विचारों को अपने जीवन में लाना होगा और खुशी खुशी जीवन व्यतीत करना होगा।जब हम प्रत्येक विचार के साथ सकारात्मकता को जोड़कर देखेंगे तो असली स्वभाव का पता लगाने में सहायक होगा।

*प्रेमचन्द साव "प्रेम",बसना*

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