Monday, May 31, 2021

अमिताभ कुमार दीवान की रचना- प्रहरी

रचनाकार -अमिताभ कुमार दीवान
जिला - रायपुर
विषय-प्रहरी 
विधा-कविता

**********************************************

जैसे जैसे उसके दुखों से, साक्षात्कार हो रहा था|
मुझे ऐसा लगता था जैसे मुझे उससे प्यार हो रहा था|

मेरी आँखें उसकी बातें जानने को बेचैन रहती, 
सुबह दोपहर शाम उसका  इन्तेजार हो रहा था| 

मुझसे बात करते करते, उसका गला रुंध सा जाता,
मेरी आँखों में अक्सर, आँसुओ का संचार हो रहा था| 

कुछ ढाँढस के शब्द, मैं बड़ी मुश्किल से ढूँढ़ पाता था,
जुबान खुलती जरूर थी ,मन एकाकार हो रहा था|

मैं सोचता था कहूँ, आ तेरे आँसू पोंछु, गले से लगा लूँ,
कैसा तुझपर इस कमबख्त वक्त का प्रहार हो रहा था|

प्रहरी की तरह खड़ा मैं ,वो पहर की तरह गुजर रही थी,
मैं उसके दरवाजे में खड़ा उसका इन्तेजार कर रहा था|

अमिताभ कुमार दीवान


************************************************

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...