संबलपुर, कांकेर,( छ.ग.)
विषय-अभिमान,
विधा-छंदमुक्त
दिनाँक-29.05.21
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*अभिमान*
देश, धर्म,जाति,पर
मुझको है अभिमान ।
विश्व बंधुत्व और
वसुधैवकुटुम्बकम का विचार महान।।
यहाँ की गौरव गाथा
गाएं सकल जहान ।
यूँ तो सारा विश्व है,
मगर मेरा भारत है महान।।
एकता,सौहार्द्र,भाईचारा,
प्रेम का गाएं सदा गान ।
धैर्य,संयम,सहयोग,
दया का करता सदा बखान।।
हिंदू,मुस्लिम,सिक्ख,
ईसाई है धरा की शान।
वेद,पुराण,कुरान,बाईबिल
गुरु ग्रंथ की महिमा महान।।
हर बार जन्म लूँ तेरी गोद में
यही है अरमान ।
त्याग,समर्पण की गाथा सुन
मन हो जाता कुर्बान ।।
वीरों की यह भूमि
जग करता इसका गुणगान।
जन्म लिया हूं माँ भारती
करता हूँ इस बात पर अभिमान।।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर,( छ.ग.)
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