रचनाकार-एच-एस-अरमो , अरमान ।
निवास-रायपुर , छत्तीसगढ़ ।
विषय- प्रहरी ।
विधा-कविता (छ्न्द मुक्त)
शीर्षक--"" प्रहरी """ ।
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●●●●••प्रहरी ••••●●●●
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सारे जगत के प्रहरी---
तुम हो परमेश्वर ।।01।।
परिवार के सच्चे प्रहरी--
होते हैं,सबके माता-पिता ।।02।।
देश की सुरक्षा में--
प्रहरी हैं, बनते,
थल,जल व वायुसेना के,
सैन्य दल-बल व सामरिक शक्तियाँ।03।
बगिया का प्रहरी,बनता है---
उसका ही,वह बागवान ।।04।।
सीमाओं में प्रहरी की--
लापरवाही या हो जाती चूक,
आंतकवादियों,घुसपैठियों को,
अपने मकसद में,होते तभी कामयाब।05।
मानव शरीर में--
श्वेत रुधिर कणिकायें,
शरीर में,प्रवेशित वायरसों से,
सुरक्षा के,बन जाते,सजग प्रहरी।06।
प्रकृति की संरचना--
उत्तर में है,अडिग हिमालय पर्वत ,
तीनों ओर से घिरे,सागर तट से,
देश की,मजबूत सुरक्षा के,
बन जाते हैं,प्राकृतिक प्रहरी ।07।
प्रहरी के सम्पर्पण,त्याग---
और सजगता व ईमानदारी ,
के साथ,कर्तव्यपरायणता की मिशाल,
होती उसकी,सच्ची मूल पहचान ।08।
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