स्थान- नवापारा खुर्द/ सक्ती
जिला -जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विषय -कविता/ ग़ज़ल /आलेख मुक्त
शीर्षक ----कलम की बात करें
कलम में अगर धार है, तो समझो तलवार है ।
सच बयां न कर सके,तो वह कलम बेकार है ।
कलम की अपार शक्ति को
दिखाने की जरुरत है ।
कलम की होती भक्ति जो
चमकाने की जरुरत है ।
दुखों को न मिटा सके,वह कलम बेकार है ।
नेताओं के भाषण अगर
कलम से उतर रहे ।
छाई है जो समस्या अगर
उससे न गुजर रहे ।
वो कलमकार नहीं, सिर्फ एक चाटुकार है ।
कलमकार क्यों कभी
नेता नहीं बनते ?
बन भी गये तो क्यों
इस धरातल में नहीं जमते ।
कलम ही तो दुनियां का, श्रेष्ठ पहरेदार है ।
आज की दशाओं पर
कलमकारों को लिखना चाहिए ।
जो लिख दिए लोगों के लिए
कहीं भी तो दिखना चाहिए ।
अगर लिख रहे हैं तो,बदलता क्यों नहीं संसार है ।
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