डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
विषय:- मानसून
विधा:- दोहा छंद
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वसुधा के शृंगार में ,कण कण का है योग ।
मानसून भी देखिए, दिया पूर्ण सहयोग ।
मानसून को देखकर , हर्षित सारे लोग ।
सफल हुई है साधना , सुखद बना संयोग ।
मानसून की आस में , माटी पुत्र किसान ।
अच्छी वर्षा दो हमें , विनती है भगवान ।
मानसून पर देखिए , चढ़ा सियासी रंग।
हर पल हर क्षण हर घड़ी, बदले अपना ढंग ।
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
सर्वथा मौलिक एवं अप्रकाशित रचना
आप सभी सुविज्ञ साहित्य साधकों को सादर प्रणाम ।आप सभी का स्नेहाशीष व मार्गदर्शन सतत् प्राप्त होता रहे बस यही निवेदन है।
ReplyDeleteशानदार
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