Monday, May 24, 2021

उर्मिला सिदार के दोहे- जीवन

कवयित्री - उर्मिला सिदार 
ग्राम - बुलाकी 
जिला - रायगढ़ छत्तीसगढ़ 
विधा - दोहा छंद
विषय - जीवन
दिनांक - 24/5/2021
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जीवन बीते मान से, ले ईश्वर का ध्यान।
जो सुमिरन करें मन में, आत्म में बसे ज्ञान।। 

चार दिन की जिन्दगानी, न मिलही बारम्बार।
प्रेम जगत में बांट लो, छोड़ो माया द्वार।। 

धन कमा संतुष्टि न मिले, मन जिन्दगी व्यर्थ जाय।
नित आचरण जो ना करे, अनावश्यक दुख पाय।। 

ज्ञान में मन लगाई के, कर लो मन को साफ।
प्राण उड़ जाये तन से, आत्म कर लो उद्धार।। 

दुर्लभ कठिन आत्म जीवन,जग माया संसार।
देह कभी मिले न मिले, जगत में कर उपकार।। 
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