डोंगरगाँव, जिला-राजनांदगाँव ( छत्तीसगढ़ )
विधा :- गीत
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दिल की आवाज़
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किसे सुनायें इस जीवन की,
करुणा भरी कहानी .
पग पग पर थी छलनायें और,
आँख से बरसे पानी .
किसे सुनायें..........
किस्मत अपनी खुद लिखने की ,
मैंने मन में ठान लिया था.
कदम कदम पर शूल मिलेंगे,
इसको मैंने जान लिया था.
रंभाओं ने भरमाया पर ,
मैंने हार न मानी .
किसे सुनायें .........
निकल पड़ा था एकाकी ही ,
मंज़िल अपनी पाने को .
संघर्षों ने मुझे सँवारा,
वक्त खड़ा समझाने को .
काँटे चुभे पाँवों में फिर भी,
राह लगे मस्तानी .
किसे सुनायें..........
विपदाओं ने पाला मुझको,
प्यार मिला मुझे अँसुवन से .
बीहड़ ने मुझे साँस दिया पर ,
भूख मिला मुझे मधुवन से .
उजली उजली भोर नहीं थी ,
ना थी शाम सुहानी .
किसे सुनायें ........
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
बहुत सुन्दर गजेन्द्र जी
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