Wednesday, April 7, 2021

गरिमा पोयाम की रचना- संगम

कवयित्री:-कु.गरिमा पोयाम
विधा:-छंद मुक्त कविता
जिला:-कांकेर (छ. ग.)
विषय:-संगम

सोचने की शक्ति बुद्धि है,
तर्क करने की विवेक।
बुद्धि हर किसी के पास है,
विवेक रखे न हर एक।
बुद्धि,विवेक करते जो संगम,
उपाय मार्ग हो चाहे जितना दुर्गम,
निष्कर्ष निकालते ईश्वर में रम।
बुद्धि,विवेक का संगम जो होता,
विषय का उचित विवेचन होता।
शर्त एक है,मार्ग यही।
तर्क की कसौटी में कस,
पहुँचो परिणाम तक सही।
   -कु.गरिमा पोयाम

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