स्थान ---नवापारा खुर्द/ सक्ति
जिला ----जांजगीर-चांपा /छत्तीसगढ़
विधा-- कविता
विषय ---ठिहार
शीर्षक---- मैं ठिहार अब
मैं ठिहार अब बन तो गया हूं।
आज के मामले में नया हूं ।
लोग मुझको नहीं जानते हैं ।
मैं अभी तक नया ही नया हूं ।
चार दिन की नजारे सुहानी ।
बन गई मैं यहीं रह गया हूं ।
लोग तो आजमाते रहे हैं ।
आजमालो मुझे कह दिया हूं ।
जो चली राग है वो पुरानी ।
राग गाया नहीं वो नया हूं ।
अद्भुत रचना ।
ReplyDeleteगजब का गजल
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