जिला-कोरबा
विषय-ठिहार
विधा-छंदमुक्त कविता
शीर्षक-ठिहार
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हमें यकीन है, अपने सबल पर,
कोरोना से जल्द ही मुक्ति पाएंगे।
प्रकृति के उन्मुक्त हवाओं में,
हम फिर से उल्लास हम मनाएंगे।
कोरोना जैसे महामारी से टकराकर,
विजयी हम अवश्य ही बन दिखाएंगे।
घरों में रहकर हम जीतेंगे साथी,
विश्वास है , महामारी को मिटायेंगे।
विश्वास ही नहीं ! यह तय है ।
हम फिर से वादियों में गुनगुनाएंगे।
हम कोरोना को............ हराएंगे।
हम कोरोना को............ हराएंगे।
गोमती सिंह
कोरबा,छ.ग.
बहुत सुंदर ।
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