Thursday, April 8, 2021

उर्मिला सिदार कृत आलेख- चार

रचनाकार -उर्मिला सिदार
 ग्राम -बुलाँकी
 जिला -रायगढ़(छत्तीसगढ़ )
विधा -आलेख 
विषय - चार चिरौंजी 
दिनांक- 08/04/2021

*************************
            *चार चिरौंजी*
  हमारा छत्तीसगढ़ धान के कटोरा के साथ का वन संपदा और खनिजों का विशाल भंडार है।  वन संपदा के अंतर्गत जंगलों में गर्मी ऋतु में मौसमी  फल चार,  चार के अलावा और अनेक  गर्मी स्थानीय  फल जंगल मे मिलते है। इन्ही गर्मी फलो मे चार एक पोषक और  उपयोगी फल है। जो प्रायः जंगली इलाका मे पाया जाता है।  चार का बड़ा वृक्ष होता है।चार गुच्छों  मे फलता है। कच्चा मे चार का फल हरा  पकनें  पर गहरा लाल और सुखने पर काला दिखता है।  इसका स्वाद मीठा होता है।  चार के गुदा को चूस कर खाते है।  उनके गुठली से चिरौंजी  निकाला  जाता है ।चरौंजी बाजार मे  बड़ी कीमत मे बिकता है । चिरौंजी  पोषक तत्व के साथ -साथ औषधि में भी उपयोगी है।  भारतीय मिष्ठान पकवानों में यह विशेष  प्रयोग किया जाता है।  अनेक रोगों में औषधि के रूप  मे प्रयोग किया जाता है। इसमें विटामिन की  मात्रा अधिक पाई  जाती  है।  यह जगली लोगों के लिए उपयोगी और बहुमूल्य  फल है।  अतः जंगली फल वाले वृक्षों की संरक्षण ,सुरक्षा  ,संवर्धन  मे विशेष  ध्यान  देने  की आवश्यकता है। 
*************************
उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...